गुलाब का पौधा गमले में कैसे लगाएं: सीखें 6 आसान चरणों में (How to grow Rose plant in Pots)

गुलाब खूबसूरत फूल हैं जो किसी भी घर की सुंदरता को और भी बढ़ा सकता हैं। यदि आपके पास बगीचे के लिए जगह सीमित है और आप अपने आँगन में गुलाबों का आकर्षण लाना चाहते हों, तो आप गमलों में भी गुलाब के पौधे उगा सकते हैं। हालाँकि, थोड़ी सी देखभाल और ध्यान से आप गमलों में गुलाब के पौधे (Rose plant in Pots) सफलतापूर्वक उगा सकते हैं। इस लेख में हम आपको गमले में गुलाब का पौधा कैसे लगायें (How to grow Rose plant in Pots) के बारे में सही गमले चुनने से लेकर आपके गुलाबों को फलने-फूलने तक के सभी चरणों के बारे में बताएंगे।

How to grow Rose plant in Pots

परिचय

गुलाब को फूलों का राजा कहा जाता है। आज के समय मे गुलाब का महत्व इतना बढ़ गया है कि यह हर छोटे से छोटे बाग में देखने को मिलता है। इसके अभाव में अलंकृत बागवानी को सम्पूर्ण बागवानी के नाम से नही पुकारा जा सकता है। हमारे देश मे लगभग सभी स्थानों पर इसे उगाया जाता है। गुलाब का पौधा एक कठोर व झाड़ीनुमा पौधा होता है। इसके फूलों का प्रयोग सौंदर्य के अलावा गुलाब जल, इत्र, गुलकंद, तथा विभिन्न औषधियों व कास्मेटिक के प्रोडक्ट्स में किया जाता है।

 

जलवायु

गुलाब की विभिन्न किस्मे विभिन्न प्रकार की जलवायु में उगायी जाती है। वैसे तो इसे किस्मो के अनुसार सभी प्रकार के जलवायु में उगाया जा सकता है, लेकिन कुछ विशेष जातियों को विशेष जलवायु में ही उगाया जा सकता है। गुलाब की सफल खेती के लिए 15℃ से 27℃ तापमान की आवश्यकता होती है।

 

गुलाब लगाने का सही समय

गुलाब का पौधा लागने का उपयुक्त समय समान्यतः सितम्बर-अक्टूबर का माह होता है। मैदानी क्षेत्रों में गुलाब लगाने का उपयुक्त समय 15 अक्टूबर से 15 दिसम्बर है। कुछ क्षेत्रों में इसके पौधे 15 फरवरी से 15 मार्च तक भी लगाए जाते हैं।

 

गमले में लगाने के लिए गुलाब की किस्म 

पिकचर, स्वीट होम, क्रिमजन ग्लोरी

How to grow Rose plant in Pots

अन्य उन्नतशील जातियां

● लाल फूल वाली जातियां – ब्लडस्टोन, बैकस, क्रिमजन, ग्लोरी, हैप्पीनेस, ब्रिलियंट, बंजारन।

● गुलाबी फूल वाली जातियां – परफैक्टा, जून पार्क, एफिल टॉवर, डिलाइट, एटमबम्ब, चैरी, लेडीलक, पिकचर, प्रिंसेज।

● पीले फूल वाली जातियां – मोहिनी, गंगा, डायमंड जुबली, वैनटी, गोल्डन, ग्लीम, सनसेट, लेमन ग्लो, पूसा सोनिया।

● सफेद फूल वाली जातियां – तुसार, सुलतानी, मैसेज, हिमांगिनी, डॉ. होमी भाभा, व्हाइट प्रिंस, नवनीत, हंस।

● बैगनी फूल वाली जातियां – ब्लूमून, स्टर्लिंग सिल्वर।

● नारंगी फूल वाली जातियां – सुपर स्टार, शीला, सर्वोदय।

 

गुलाब का पौधा गमले में कैसे लगायें | How to grow Rose plant in Pots

उपयुक्त गमले का चुनाव

गमले में गुलाब के पौधे उगाने के लिए सबसे पहले एक उपयुक्त कंटेनर का चयन करें। ऐसा गमला चुनें जिसका व्यास कम से कम 18 इंच हो और उतना ही गहरा हो। इससे जड़ों को बढ़ने और पौधे को पनपने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है। जलभराव को रोकने के लिए जल निकासी छेद वाले गमले का चयन करना न भूलें।

 

गमले के लिए मिट्टी तैयार करना

गुलाब का पौधा लगभग सभी प्रकार की मिट्टी में उगायी जा सकती है जिसमे कार्बनिक पदार्थ की पर्याप्त मात्रा हो। गुलाब की उत्तम किस्म के फूल प्राप्त करने के लिए आप खुद गमले के लिए मिट्टी का मिश्रण तैयार कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित पदार्थ को अपने गमले के अनुसार बराबर भागों में मिलाकर मिश्रण तैयार करें

  • साधारण मिट्टी लगभग – 50 %,
  • कम्पोस्ट या गोबर की अच्छी सड़ी खाद – 20 से 30%,
  • रेत – 10%
  • नीम की खली – 10%

इसके अलावा आप एक पॉटिंग मिश्रण खरीद सकते हैं।

 

गुलाब का चुनाव

जब आपके गमलों के लिए गुलाब की किस्मों का चयन करने की बात आती है तो आप अपने मनपसंद रंग व आकार के अनुसार गुलाब की एक अच्छी किस्म का चुनाव कर सकते हैं। गुलाब के पौधे का चुनाव करते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि पौधा निरोग और स्वस्थ हो।

ऐसी किस्मों के चयन करें जो कॉम्पैक्ट और बौनी हो (अपने घर या जगह के अनुसार)। इस प्रकार के गुलाब जो गमले में विकास के लिए उपयुक्त हो और शानदार फूल देने के साथ-साथ कम जगह की आवश्यकता होती हो।

 

गुलाब के पौधे को गमले में लगाना (Rose plant in Pots)

गुलाब के पौधे के अपने चुने हुए गमले को उसकी ऊंचाई के एक तिहाई तक तैयार मिट्टी के मिश्रण से भर दें। गुलाब के पौधे को उसके नर्सरी कंटेनर से धीरे से निकालें और गमले में जड़ के बराबर आकार के गड्ढा खोदकर लगा दें। अब बची हुई जगह को धीरे से दबाते हुए मिट्टी से भर दें और हल्का सा थपथपा दें। पौधा लगाने के बाद हल्की सी सिंचाई कर दें।

अधिकांश गुलाब को कर्तन विधि द्वारा (By Cutting) लगाया जाता है। इस विधि में पौधे की शाखाएं काटकर लगाई जाती है। इसके लिए पकी हुई शाखा की कलम 9 इंच लम्बी और कोमल शाखा की कलम 6 इंच लम्बी रखी जाती है। कलम मिट्टी में 45° का कोण बनाते हुए तिरछी गाड़ी जाती है। कलम में कम से कम 3 आंखे (Buds) होनी चाहिए।

 

गुलाब के पौधे की देखभाल 

पानी देना

गुलाब के पौधे की वृद्धि एवं फूल आते समय अधिक सिंचाई की आवश्यकता होती है। बरसात में समान्यतः सिंचाई की आवश्यकता नही होती लेकिन अगर गमले की मिट्टी सुख जाए तो पानी दे दें। शीतकाल में 10 – 15 दिन के अंतराल और गर्मियों में सप्ताह में एक या दो बार सिंचाई करनी चाहिए।

एक सामान्य नियम के रूप में, जब मिट्टी का ऊपरी इंच सूखा लगे तब पानी दें। इस बात का ध्यान रखें कि अत्यधिक पानी भरने से रोकने के लिए गमले में अच्छी जल निकासी होनी चाहिए जिससे जड़ सड़न की समस्या न हो।

 

सूर्य का प्रकाश प्रदान करना

अपने गमले को ऐसे स्थान पर में रखें जहां दिन में कम से कम छह घंटे सूरज की रोशनी आती हो। यदि आप गर्म जलवायु में रहते हैं, तो पौधे पर तनाव को रोकने के लिए दोपहर में कुछ छाया प्रदान करें।

 

कटाई – छँटाई (Pruning)

गुलाब के पौधे की कटाई – छँटाई तब तक नही करनी चाहिए जब तक पौधा पूर्णतः तैयार न हो जाये। समयानुसार रोगग्रस्त, पुरानी एवं अधिक घनी शाखाओं को उनके आधार भाग से काट कर अलग कर दें। 

 

फूल तथा कलियों की छँटाई

अच्छे आकार की सुंदर फूल प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि कुछ पुष्प कलियों को भी तोड़ दे जिससे भोज्य पदार्थ केवल चुनी हुई पुष्प कलियों को ही प्राप्त हो सके। जिसके फलस्वरुप पुष्प उत्तम जाकर कि वह अच्छे रंग वाले ही मिलेंगे गुलाब के फूलों को नहीं तोड़ा जाएगा तो वृद्धि कम हो जाती है तथा पुष्प बना भी कम हो जाता है।

 

निराई – गुड़ाई

गुलाब के गमलों में जैसे ही अनावश्यक पौधे अथवा खरपतवार दिखाई दे तुरंत निराई करें।

 

खाद और उर्वरक

गुलाब के पौधे से अच्छी फूल उत्पादन के लिए सही मात्रा में खाद और उर्वरक बहुत जरूरी है। उर्वरक पौधों की कटाई – छँटाई के बाद तथा वृद्धि से पहले देना चाहिए। पहले पौधों के चारो तरफ गुड़ाई करें और फिर उर्वरक/खाद देकर हल्की सी सिंचाई करें।

 

कीट व बीमारियों से सुरक्षा

गुलाब के पौधे से अच्छी, सुंदर और स्वस्थ फूल प्राप्त करने के लिए गुलाब के पौधे की कीड़े व बीमारियों से सुरक्षा करना बहुत जरूरी है। इसके लिए अपने पौधे की समय समय पर निगरानी जरूर करे। गुलाब के पौधे के कुछ प्रमुख रोग व कीट निम्नलिखित है-

प्रमुख कीट

1. दीमक– यह गुलाब को अधिक हानि पहुँचाती है। इसके बचाव के लिए पौधों की खुदाई के समय थाइमेट कीटनाशक दवा का प्रयोग कर सकते हैं। या किसी कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।

2. हरी मक्खी- यह कीट पुष्प की कोमल कलियों को खाकर समाप्त कर देती है। इसके बचाव के लिए थायोडान नामक दवा का 0.2% का घोल बनाकर छिड़काव करें।

3. पत्ती खाने वाला कैटरपिलर– इसके बचाव के लिए रोगर नामक कीटनाशक दवा का 0.15% घोल बनाकर छिड़काव करें।

4. इन कीटों के अलावा कभी – कभी माहू, थ्रिप्स या माइट्स भी दिखाई पड़ते हैं। इसके बचाव के लिए मैटासिस्टाक नामक कीटनाशक दवा का 0.1% घोल बनाकर छिड़काव करें।

 

प्रमुख रोग

मिल्ड्यू (Mildew)- इस बीमारी के बचाव के लिए कैराथेन नामक फफूंदी नाशक दवा का 0.1% का घोल बनाकर छिड़काव करें।

ब्लैक स्पॉट एवं रस्ट– इसके बचाव के लिए डाइथेन एम – 45 नामक फफूंदी नाशक दवा का 0.2% का घोल बनाकर छिड़काव करें।

नोट: उपर्युक्त कीट और रोग का आक्रमण आपके पौधे पर हो जाये तो खुद से उपचार करने के बजाय कृपया अपने नजदीक के किसी कृषि विशेषज्ञ से बात कर सकते हैं।

 

निष्कर्ष

तो दोस्तों आपने इस लेख में पूरी विस्तार से पढ़ा और ये जाना कि गमले में गुलाब का पौधा कैसे लगाएं (How to grow Rose plant in Pots)। उपरोक्त बताये गए तरीकों को करने के बाद आप देखेंगे कि आपके गमले में लगे गुलाब के पौधे प्रकृति की कलात्मकता की उत्कृष्ट कृति में बदल गए हैं।

हमें उम्मीद है कि यह लेख आपको जरूर पसन्द आई हो। ऐसे ही कृषि से सम्बंधित नई – नई आर्टिकल और नई – नई रोचक तथ्य जानने के लिए हमारे साथ बनें रहें। धन्यवाद! आपका दिन शुभ हो…

 

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