घर पर सफतापूर्वक गुलदाउदी कैसे उगाएँ: अपने घर की सुंदरता बढ़ाएं| How to Grow Chrysanthemums at Home

फूल वाले पौधों में गुलदाउदी (Chrysanthemums) का अपना एक प्रमुख स्थान है तथा अलंकृत बागवानी में गुलदाउदी का स्थान मुख्य फूलों वाले पौधों में गिना जाता है। हमारे देश में ही नहीं बल्कि संसार के विभिन्न प्रगतिशील देशों में गुलदाऊदी की खेती होती है और इसकी प्रदर्शनी लगाई जाती है। 

यदि आप अपने घर के बगीचे में भी रंग भरना चाहते हैं, तो इस लेख में हम आपको घर पर सफलतापूर्वक गुलदाउदी कैसे लगाएं (How to grow chrysanthemum at Home) के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं।

How to grow chrysanthemums at Home

परिचय

गुलदाऊदी एस्टेरसिया (Asteraceae) कुल से सम्बंधित है। गुलदाउदी एकवर्षीय तथा बहुवर्षीय पौधा है। एकवर्षीय गुलदाउदी शरद ऋतु में ही हरा भरा रहता है। लेकिन बहूवर्षीय गुलदाउदी सदैव हरी भरी बनी रहती है लेकिन पुष्प केवल शरद ऋतु में ही खिलती हैं।

गुलदाउदी (Chrysanthemum) विभिन्न रंगों के मिलते हैं जैसे सफेद, पीला, बैगनी, लाल। इसके फूल दिखने में सुंदर होते हैं और सुगंधित भी होते हैं। इसके फूल पूजा, माला बनाने और सजावट के लिए भी प्रयोग किए जाते हैं। गुलदाउदी की खेती व्यापारिक स्तर पर भी की जाती है।

 

घर पर गुलदाउदी कैसे उगाएँ (How to grow chrysanthemums at Home)

घर पर सफलतापूर्वक गुलदाउदी का पौधा उगाने के लिए नीचे दिए गए सभी स्टेप्स को ध्यान से पढ़ें 

गुलदाउदी के लिए उपयुक्त जलवायु

गुलदाउदी एक शीतोष्ण जलवायु का पौधा है, ग्रीष्म ऋतु तथा बरसात में इसके पौधों की वृद्धि अच्छी नहीं होती है। जब तापमान 26℃ से अधिक हो जाता है तो पौधों की वृद्धि पर पूरा प्रभाव पड़ता है। इसकी अच्छी वृद्धि के लिए 8℃ से 16℃ तापमान उत्तम रहती है।

 

सही किस्म का चुनाव

अपने घर के बगीचे के लिए गुलदाउदी की सही किस्मों का चयन करना महत्वपूर्ण है। इसके लिए अपनी जलवायु, उपलब्ध स्थान और अपनी व्यक्तिगत सौंदर्य संबंधी प्राथमिकताओं पर विचार कर सकते हैं। आप अपने क्षेत्र में पनपने वाली किस्मों को खोजने के लिए स्थानीय नर्सरी या प्रतिष्ठित ऑनलाइन विक्रेताओं का पता लगा सकते है।

गुलदाउदी की कई किस्म है जैसे छोटी फूल वाली, बड़ी फूल वाली, गुलदस्ता या कटफ्लावर के लिए तथा कई अलग अलग रंग में भी उपलब्ध हैं जैसे लाल, पीला, सफेद, बैगनी इत्यादि। आप अपने मनपसंद इन किस्मों का चयन कर अपने घर में लगा सकते हैं।

How to grow chrysanthemums
Image source – Pixabay

स्थान का चुनाव 

गुलदाउदी क्यारी तथा गमले दोनों में ही उगाया जा सकता है। इसकी क्षेत्रीय जातियों को गमले में तथा बड़े आकार के पौधों को क्यारी में उगा सकते हैं। सफल पुष्प उत्पादन के लिए भूमि की दशा का ठीक होना अति आवश्यक है। स्थान पूर्णतः खुला हुआ होना चाहिए जहाँ प्रतिदिन कम से कम 6 घंटे धूप मिलती हो।

 

मिट्टी

गुलदाउदी के पौधे लगभग प्रत्येक तरह की मिट्टी में उत्पन्न की जा सकती है लेकिन दोमट या बलुई दोमट भूमि उपयुक्त समझी जाती है। हल्की मिट्टी में भी इसको उत्पन्न किया जा सकता है लेकिन इसके लिए जैविक पदार्थ को अधिक मात्रा में देने की आवश्यकता होती है।

 

भूमि की तैयारी

घर पर गुलदाउदी उगाने के लिए सही स्थान का चुनाव करने के बाद जिस जगह क्यारी बनाना चाहते हैं वहां की मिट्टी को अच्छी तरह खोदकर या जोतकर उसे एक या दो दिन तक खुला छोड़ दें जिससे मिट्टी में उपस्थित खरपतवार कीड़ों के अंडे वह बीमारियों के कीटाणु इत्यादि नष्ट हो जाए। यह कार्य आप ग्रीष्म ऋतु में भी कर सकते हैं।

बाद में मिट्टी में सड़ी हुई गोबर की खाद या कंपोस्ट खाद डालकर अच्छी तरह मिला दे खाद देने के उपरांत भूमि को हल्की सींचकर तथा हल्की खोदकर समतल बना देना चाहिए।

 

पौध रोपण (How to grow Chrysanthemums)

गुलदाउदी के पौधे लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि वे उसी गहराई पर स्थित हों जिस गहराई पर वे अपने नर्सरी गमलों में थे। तथा एक निश्चित अंतराल पर ही लगाएं, गुलदाउदी के पौधों को 60 से 75 सेमी के अंतराल पर लगाना चाहिए। पौधे को स्थिरता प्रदान करने के लिए पौधे के आधार के चारों ओर की मिट्टी को धीरे से थपथपाएँ। पौधे लगाने के तुरंत बाद हल्की सिंचाई कर दें।

गुलदाउदी का प्रसारण या प्रवर्धन चार विधियों द्वारा किया जाता है 

  1. बीज द्वारा (By Seed)
  2. कर्तन या कलम विधि द्वारा (By cutting)
  3. अधोभूस्तारी द्वारा (By Suckers)
  4. रोपण द्वारा (By Grafting)

1. बीज द्वारा (By Seed): बीजों का प्रयोग केवल एकवर्षीय गुलदाउदी को उगाने तथा नए प्रकार की किस्म पैदा करने के लिए किया जाता है। बहुवर्षीय गुलदाउदी को बीज की सहायता से उत्पन्न नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे उत्पन्न हुए पौधे अपने पैतृक गुणों से समानता नहीं रखते हैं तथा अधिकतर फूलों की संख्या सिंगल बनावट की हो जाती है।

2. कर्तन या कलम विधि द्वारा (By cutting): वर्षा ऋतु में स्वस्थ पौधों से गाँठो वाली शाखाओं का चुनाव करके छोटी-छोटी 15 से 20 सेंटीमीटर लंबी कर्तने बनाकर क्यारियों या गमले में लगा दी जाती है। 

3. अधोभूस्तारी द्वारा (By Suckers): गुलदाउदी का पौधा जब फूल समाप्त कर दे तो उसको सिकेटियर की सहायता से भूमि के आधार से कुछ छोड़कर काट देते हैं तथा उसे खाद व पानी पर्याप्त मात्रा में दे देते हैं। कुछ दिनों के बाद पौधे के पास से बहुत से अधोभूस्तारी निकल आते हैं जिनको अलग-अलग करके लगा दिया जाता है। इस प्रकार प्रत्येक अधोभूस्तारी एक नए पौधे का रूप ले लेती है।

4. रोपण द्वारा (By Grafting): गुलदाउदी को ग्राफ्टिंग द्वारा भी उत्पन्न किया जा सकता है। इस विधि का प्रयोग केवल उस समय करते हैं जब एक पौधे पर एक से अधिक रंग के फूल उत्पन्न करने हो।

 

पौधे की देखभाल

गुलदाउदी का पौधा लगाने के बाद सही और स्वस्थ पौधे और फूल प्राप्त करने के लिए उसकी देखभाल करना बहुत ही आवश्यक है-

 

सिंचाई

पौधे लगाने के तुरंत बाद सिंचाई कर देनी चाहिए। गुलदाउदी का पौधा पानी के लिए अधिक संवेदनशील होता है। अतः पौधे की सिंचाई इस समय करनी चाहिए जब भूमि कुछ सूख जाए तथा पौधे पानी की आवश्यकता को महसूस करने लगे।

वर्षा ऋतु में अगर वर्षा अधिक हो तो क्यारियों के पास जल निकास की उचित व्यवस्था होनी बहुत जरूरी है, क्योकि अधिक पानी से पौधे पीले भी पड़ सकते हैं। गुलदाउदी के पौधे को सर्दियों में दो-तीन दिन के अंतराल में तथा गर्मियों में प्रतिदिन पानी देना चाहिए।

 

पोषक तत्व प्रबंधन

पौधों की अच्छी वृद्धि व अच्छे पुष्प उत्पादन के लिए खाद देना अति आवश्यक होता है। पौधों की वृद्धि के समय गोबर या खलियों से तैयार हुई तरल खाद देनी चाहिए। सितंबर या अक्टूबर के महीने में अण्डी या नीम की खली की तरल खाद में सल्फेट ऑफ आयरन या सल्फेट ऑफ मैग्नीशियम 10 ग्राम प्रति 5.00 लीटर के हिसाब से पानी में मिलाकर कलियां निकलने तक दो बार देना चाहिए। 

पौधों की जड़ भूमि की ऊपरी सतह पर ही रहती है इसीलिए अधिक कृत्रिम या रासायनिक खाद कम मात्रा में देना चाहिए नहीं तो पौधा नष्ट हो सकता है। जब पौधों में वृद्धि अच्छी नहीं होती है तो 10 ग्राम अमोनियम सल्फेट 5 लीटर पानी में मिलाकर देना चाहिए।

 

कटाई-छँटाई (Pruning) 

गुलदाउदी के पौधे का एक ही तना रखा जाना चाहिए और ऊपर की शाखाओं को इच्छानुसार बढ़ने दिया जाना चाहिए। पौधे की वृद्धि के समय अगर आधार से अधोभूस्तारी (Suckers) निकलते हैं तो उसे काटते रहना चाहिए।

गुलदाउदी में बड़े आकार वाले अच्छे पुष्प उत्पादन के लिए कलियों को तोड़ना जिसे Disbudding कहते हैं आवश्यक होता है। पौधों पर कुछ कलियों को छोड़कर शेष कलियां काट दी जाती है।

 

कीट व रोग नियंत्रण

गुलदाउदी के पौधे पर मुख्यतः निम्नलिखित कीटों और रोगों का आक्रमण हो सकता है जिसकी रोकथाम आवश्यक है- 

प्रमुख कीट 

1. एफिड– यह पौधों की नई वृद्धि पर अधिक आक्रमण करती है। इसे Nicotine wash द्वारा (1 चम्मच, 9 लीटर पानी में घोलकर) नियंत्रित किया जा सकता है इसके स्थान पर B.H.C. या मैलाथियान (Malathion) का भी प्रयोग किया जा सकता है।

2. थ्रिप्स– ये बहुत ही छोटे लगभग 1.5 मिमी लम्बे कीट होते हैं जो मुलायम शाखाओं रस चूसते हैं। इसे भी Nicotine या B.H.C. द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है।

3. रेड स्पाइडर– इसको Azobenzene smoke या Malathion द्वारा नष्ट किया जा सकता है।

 

प्रमुख रोग

1. रस्ट (Rust)– इसकी रोकथाम के लिए 15 ग्राम सल्फाइड ऑफ पोटेशियम 4.5 लीटर गर्म पानी में घोलकर पौधों पर छिड़कना चाहिए। अगर इनका आक्रमण अधिक है तो इसको एक सप्ताह के अन्तराल पर तब तक छिड़कना चाहिए जब तक यह समाप्त न हो जाए।

2. ब्लैक स्पॉट– इसको बोडो मिश्रण के छिड़काव द्वारा दूर लिया जा सकता है।

3. मोजेक रोग– यह बहुत भयंकर रोग है। इसमें पौधों की पत्तियां सिकुड़ कर सूख जाती है तथा पौधा बहुत ही खराब हुआ छोटे आकार की पुष्प उत्पादन करने लगता है। इसकी रोकथाम के लिए रोग से ग्रसित पौधों को जड़ से उखाड़ कर अलग कर देना चाहिए तथा वायरस रहित बीजों को होना चाहिए।

 

निष्कर्ष 

तो आपने इस लेख में सीखा कि आप अपने घर पर गुलदाउदी का पौधा कैसे लगा सकते हैं (How to grow chrysanthemums at Home) और अपने घर आँगन की सुंदरता और महत्व को गुलदाउदी के रंग बिरंगे महकते फूलों के साथ कैसे बढ़ा सकते हैं? इस लेख में आपने घर पर गुलदाउदी लगाने की प्रक्रिया को उचित क़िस्म के चुनाव से लेकर गुलदाउदी के प्रबंधन तक पढा। हमें उम्मीद है कि यह लेख आपको पसंद होगी और आप इससे कुछ न कुछ जरूर सीखे होंगे। 

अगर आपको यह लेख वाकई में अच्छी लगी है तो कृपया करके इस पोस्ट के ऊपर 👆 5 स्टार (⭐) जरूर दें। धन्यवाद!

 

रेफरेंस- इस लेख को बनाने के लिए विभिन्न पुस्तकों या इंटरनेट पर उपलब्ध इससे संबंधित सामग्रियां की सहायता ली गई है ताकि इसे पढ़ने वाले यूजर्स को सही ज्ञान प्राप्त हो सके। तथा हमारे टीम के द्वारा सही जानकारी जोड़कर व उचित बदलाव करके इस लेख को और भी ज्ञानवर्धक और सुगम बनाया गया है।

 

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